महासमुन्द संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/विश्व हिन्दू परिषद बजरंगदल के जिला संयोजक एवं छत्तीसगढ़ शासन गौसेवा आयोग के जिला सदस्य गीतेश पण्डा ने राज्य सरकार द्वारा लाए गए 'छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026' का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने इस विधेयक को प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक अखंडता की रक्षा के लिए एक मील का पत्थर बताया है।
*अवैध धर्मांतरण अब संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध*
गीतेश पण्डा जी ने कहा कि नए कानून के तहत अब किसी भी प्रकार का अवैध धर्मांतरण संज्ञेय (Cognizable) और गैर-जमानती (Non-Bailable) अपराध की श्रेणी में आएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लालच, भय या कपटपूर्ण तरीके से किया गया धर्मांतरण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
*धर्मांतरण मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प*
गीतेश पण्डा जी ने जोर देकर कहा कि लंबे समय से प्रदेश के भोले-भाले लोगों को भ्रमित कर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। इस नए कानून के आने से ऐसे असामाजिक तत्वों में भय पैदा होगा और समाज में समरसता बनी रहेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री मा.श्री विष्णु देव से जी और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बजरंगदल इस कानून के बारे में जन-जन तक जागरूकता फैलाएगा।

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