*महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर*/ भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संदर्भ में प्रदेश में मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटि रहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 की प्रक्रिया तीव्र गति से संचालित की जा रही है। एसआईआर के अंतर्गत ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन दिनांक 23 दिसंबर 2025 को किया गया था। इसके उपरांत दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक पूर्ण की गई। वर्तमान में प्राप्त दावों एवं आपत्तियों पर सुनवाई तथा दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया 14 फरवरी 2026 तक की गई।
एसआईआर की गणना चरण के दौरान प्राप्त गणना प्रपत्रों के आधार पर, जिन मतदाताओं का मिलान वर्ष 2003 की विशेष गहन पुनरीक्षण (एआईआर) मतदाता सूची से नहीं हो पाया, उन्हें संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा नियमानुसार दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किए गए। सभी संबंधित मतदाताओं को सुनवाई का पूर्ण अवसर प्रदान किया गया। सुनवाई के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 13 निर्धारित दस्तावेजों में से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दावा-आपत्ति अवधि के दौरान जिन वैध मतदाताओं का नाम सूची में शामिल नहीं था, उन्होंने नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र-6, मतदाता विवरण में सुधार हेतु घोषणा पत्र सहित प्रपत्र-8 तथा नाम विलोपन अथवा आपत्ति के लिए घोषणा पत्र सहित प्रपत्र-7 प्रस्तुत किए।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दावा-आपत्ति अवधि (23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026) के दौरान विधानसभा स्तर पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा साप्ताहिक बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में प्रति सप्ताह प्राप्त दावों एवं आपत्तियों की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की गई, ताकि राजनीतिक दलों द्वारा सूचियों का अवलोकन कर पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने एवं अपात्र मतदाताओं के नाम विलोपन की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सके।
दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई तथा सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात पात्र पाए गए आवेदनों का विधिवत निस्तारण किया जा रहा है तथा 21 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त सभी दावा-आपत्तियों की सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट https://ceocg.gov.in पर उपलब्ध है, जिसका अवलोकन राज्य का कोई भी नागरिक कर सकता है।
मतदाता सूची से नाम विलोपन को लेकर फैलाए जा रहे दावे भ्रामक हैं। मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 22 के अंतर्गत, किसी भी मतदाता का नाम केवल निम्नलिखित तीन विशेष परिस्थितियों में ही हटाया जा सकता है मतदाता की मृत्यु होने पर, मतदाता के निवास स्थान का स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरण होने पर और मतदाता का नाम दोहरा दर्ज होने की स्थिति में। विशेष गहन पुनरीक्षण एक नियमित, निष्पक्ष एवं विधि सम्मत प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य किसी भी पात्र मतदाता को वंचित करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय एवं पारदर्शी बनाना है।
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February 20, 2026 at 07:22PM

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