महिलाओं का कार्यस्थल पर लैगिंक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न - sanskar.live

Hot




जनवरी 20, 2026

महिलाओं का कार्यस्थल पर लैगिंक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न

 छात्राओं एवं अध्यापिकाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से बचने दी गई कानूनी जानकारी



महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/ महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के प्रावधानों के विषय में जिले में 19 जनवरी को महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य महाविद्यालय मचेवा एवं शासकीय माता कर्मा कन्या महाविद्यालय मचेवा में आयोजित हुआ। जिसमें क्रमशः प्रभारी प्राचार्य डॉ मालती तिवारी एवं प्राचार्य डॉ शीलभद्र कुमार उपस्थित थे।

कार्यक्रम में She-Box पोर्टल एवं महिलाओं का कार्यस्थल पर लैगिंक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के संबंध में जानकारी दी गई। जिसमें बताया गया कि महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से बचने के लिए 9 दिसंबर 2013 को कानून लागू किया गया है जिसका उद्देश्य यौन उत्पीड़न रोकथाम, निषेध एवं निवारण करना है, कानून के अनुसार जहां 10 से अधिक कर्मचारी कार्य करते है वहां आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना है और जहां 10 से कम कर्मचारी कार्य कर रहे है वहां स्थानीय शिकायत समिति के अंतर्गत होंगे, जिसमें पीड़िता को राहत व मुआवजा का प्रावधान किया गया है, यह अधिनियम संगठित और असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले महिलाओ के ऊपर कार्य स्थलों में यौन उत्पीड़न को रोकथाम करना है, उक्त अधिनियम के अंतर्गत पीड़िताएं अपने ऊपर घटित घटना का शिकायत 3 माह के भीतर समिति के समक्ष कर सकते है, घटना के संबंध में समिति के द्वारा जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर दोषी व्यक्ति को समिति द्वारा लागू सेवा नियमों के उपबंधों के अनुसार कदाचार के रूप में या जहां ऐसे सेवा नियम नहीं बनाए गए है वहां ऐसे रीति से जो विहित की जाये लैगिंक उत्पीड़न के लिए कार्यवाही करने जिसके अंतर्गत दोषी व्यक्ति के वेतन या मजदूरी की कटौती कर पीड़िता को दे सकते है। समिति द्वारा दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए थाना को अनुशंसा के साथ भेज सकता है साथ ही न्यायालय में परिवाद भी दायर कर सकता है कि जानकारी दी गई। अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान है कि जहां संगठित या असंगठित कार्य क्षेत्रों पर जहां 10 से अधिक कर्मचारी है वहां आंतरिक शिकायत समिति गठन किया जाना अनिवार्य है यदि समिति का गठन नहीं किया जाता तो नियोजक को पचास हजार रूपए तक की अर्थदंड से दंडित करने का प्रावधान है। कार्यक्रम में सुश्री पूनम केसरिया संरक्षण अधिकारी (घरेलू हिंसा), सुश्री झलक साहू केंद्र प्रशासक सखी वन स्टॉप सेंटर, सुश्री खिलेश्वरी चक्रधारी मिशन समन्वयक महिला सशक्तिकरण केंद्र, श्रीमती जागेश्वरी सोनवानी चाइल्ड लाइन मिशन वात्सल्य का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में कॉलेज के समस्त स्टाफ एवं छात्र छात्राएं अधिक संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान अधिनियम की प्रावधानों के जानकारी प्रदाय कर फ्लेक्स, ब्रोशर एवं पम्पलेट का वितरण किया गया।

Post Top Ad

ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer