बैगा गुनिया जादु से नहीं बल्कि विज्ञान के चमत्कार से लोगों को मुर्ख बनाते - गौरव चंद्राकर
छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने व अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता पैदा करने हुई कार्यशाला
महासमुंद संस्कार /महासमुंद जिला के सीमा से लगे छुरा ब्लॉक के अंतिम छोर पर स्थित वनांचल क्षेत्र बीजापाल के पूर्व माध्यमिक शाला व प्राथमिक शाला के संयुक्त तत्वावधान में बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने व अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता पैदा करने कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें संस्कार शिक्षण संस्थान पिथौरा के संचालक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र गढ़बेढ़ा के युवा वैज्ञानिक गौरव चंद्राकर ने छात्रों में वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने व बैगा ओझा के अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता लाने विभिन्न हैरत अंगेज विज्ञान के चमत्कार को दिखाया जैसे मंत्र से कागज की फुल का अलग अलग रंग वाले फुल निकालना, खिलौने वाली अंडे और मुर्गी में मंत्र से अंडे गायब कर देना,घर में शैतान का डर दिखाने कैसे गंगा जल से कागज के टुकड़ों में आग लगाते हैं। सर्दी को मंत्र से त्वरित ठीक करने का रहस्य का उजागर किया।कार्यशाला में बच्चों को विज्ञान के विभिन्न मॉडल निर्माण की बारीकियों को बताया। तथा उनके टीम द्वारा बनाए मल्टीपरपज रोबोटिक मॉडल की क्रिया कलापों से छात्रों के बीच आग लगने, पानी टंकी ओवरफ्लो होने, एलपीजी गैस लीक होने पर अलार्म व मोबाइल में संदेश भेजकर एलर्ट करने व विभिन्न भाषाओं में प्रश्न पुछने पर उत्तर देने की प्रदर्शन कर बताया।साथ ही झुला से विधुत उत्पादन की मॉडल का प्रर्दशन किया। युवा वैज्ञानिक ने बच्चों को किसी भी प्रकार की ठग बाबाओं के चक्कर में ना पड़कर अपने घर परिवार में बीमार होने पर अस्पताल में डॉक्टर से इलाज कराने की अपील की।इस कार्य शाला से बच्चे आनंदित व वैज्ञानिक सोच से ओतप्रोत हुए। प्रधान पाठक चंद्रिका प्रसाद वर्मा ने आभार प्रदर्शन करते हुए भविष्य में छात्रों के साथ ग्रामीणों की सहभागिता से बड़ी कार्यशाला रखने की बात कहा। विज्ञान शिक्षक रेखराम बघेल ने आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में शिक्षक चतुर सिंह ध्रुव, सुशील कुमार डहरे, भीखम ढीवर, संतोष दानी,योगेन्द्र साहु रसोइया लक्ष्मी साहु उपस्थित रहे।


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