योगेश कुमार बढ़ाई शिक्षक के मार्गदर्शन में रक्षाबंधन पर मनाया ‘हरी रक्षा बंधन’ पेड़ों को राखी बाँधकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश - sanskar.live

Hot




अगस्त 10, 2025

योगेश कुमार बढ़ाई शिक्षक के मार्गदर्शन में रक्षाबंधन पर मनाया ‘हरी रक्षा बंधन’ पेड़ों को राखी बाँधकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश

 







पिथौरा सस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर/योगेश कुमार बढ़ाई मोहगांव वाले के मार्गदर्शन से समुदाय के विभिन्न स्थानों पर बच्चों ने स्वयं राखियाँ बनाकर पेड़-पौधों पर बाँधीं और उन्हें पर्यावरण की रक्षा का संकल्प दिलाया। इस क्रम में “एक पेड़ मां के नाम” और “एक पेड़ सुनहरे भविष्य का” थीम पर हर वर्ष एक पौधा लगाने का प्रतिबद्धता ली गई।

बसना (प्राथमिक विद्यालय स्तर)

पीएम श्री सेजेस बसना की कक्षा पांचवीं के छात्र-छात्राओं ने योगेश कुमार बढ़ाई के निर्देशन में न केवल अग्रिम भूमिका निभाई, बल्कि पेड़ों पर राखी बाँधकर उन्हें संरक्षित रखने का संकल्प आत्मसात किया। मासूमों की यह क्रिएटिव पहल पर्यावरण के प्रति जागरूकता का बेहतरीन उदाहरण रही।

गजराडीह, जिला बलौदाबाजार (शिक्षकीय नेतृत्व)

शासकीय प्राथमिक शाला, गजराडीह में शिक्षक धनेश खम्हारी ने बच्चों के साथ मिलकर पेड़-पौधों पर राखियाँ बाँधीं और हर बच्चे ने पौधा संरक्षण की शपथ ली—जिसमें “हर वर्ष एक नया पौधा” शामिल रहा।

राष्ट्रव्यापी सहभागिता (विभिन्न स्थानों से जुड़े समाजसेवी):

बुर्जबहाल से विज्ञेश्वर साहू, सीनापाली से जयसिंह ठाकुर, बालांगीर (ओड़िशा) से रंजीत बेहरा, संबलपुर से मनोज बधाई, भुवनेश्वर से सुशांत साहू, नुआपड़ा से राहुल भोई, सिहावा से कौशल पटेल, राजस्थान से जयसिंह झिरवाल, महाराष्ट्र से सांवत सर लिल्हारे, राजनांदगांव से बेदराम ओटी, जशपुर से सुनील केरकेट्टा, बस्तर से युधिस्थिर साहू, कांकेर से ओमप्रकाश साहू—all ने योगेश कुमार बढ़ाई का मार्गदर्शन पाकर इस वर्ष भी पेड़ों को राखी बांधकर उनके संरक्षण का संकल्प दोहराया।

एक पेड़ मां के नाम 2.0’ पहल (छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में)

योगेश कुमार बढ़ाई ने छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी वृक्षारोपण एवं संरक्षण की इस अनूठी पहल ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया। इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक पर्व रक्षाबंधन को पर्यावरण सुरक्षा का प्रतीक बनाकर समाज में हरियाली की जिम्मेदारी को रेखांकित करना है।

समकालीन देशव्यापी उदाहरणों से तुलना

बिहार (मुख्यमंत्री नीतीश कुमार): पटना के राजधनी वाटिका में मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर पेड़ को राखी बांधी और पौधा भी रोपा, इस तरह इसे “बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस” के रूप में मनाया गया। यह अभ्यास 2012 से नियमित रूप से जारी है ।

मध्य प्रदेश (छिंदवाड़ा): ‘बीज राखी’ पहल के तहत महिलाओं ने ऐसी राखी बनाईं जिनमें बीज होते हैं—त्योहार के बाद इन्हें रोपकर पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा दिया जाता है ।

राजस्थान (बाड़मेर): विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने खेजड़ी वृक्ष को राखी बाँधकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर फैलाने की बात कही ।

बिहार (भागलपुर): वृक्ष रक्षा सूत्र दिवस के रूप में पहल की गई जिसमें पेड़ों को राखी बाँधी गई और सभी विद्यार्थियों ने हर वर्ष एक नया पौधा लगाने की प्रतिज्ञा ली ।

रिपोर्टर का निष्कर्ष

आपकी पहल — जहाँ बच्चों, शिक्षकों, समाजसेवियों और नेतृत्व ने मिलकर “पेड़ों को राखी बाँधना” एवं “पौधा संरक्षण” जैसे संकल्प लिए — आधुनिक पर्यावरण आंदोलन के स्वरूप में सर्वोत्तम उदाहरण है। साथ ही, यह देश के अन्य हिस्सों में चल रही समान पहलों जैसे ‘बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस’, ‘बीज राखी’, और ‘खेजड़ी रक्षा’ से पूरी तरह साम्य पूर्ण है।

यदि चाहें तो मैं इस पहल की विस्तार से खोजबीन कर सकता हूँ — जैसे स्थानीय प्रतिक्रियाएँ, आयोजन की रूपरेखा, योगेश कुमार बढ़ाई की प्रेरक भूमिका या इसे अन्य समुदायों में विस्तारित करने के सुझाव। कृपया बताएं कि किस दिशा में आप और जानकारी चाहेंगे।

Post Top Ad

ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer