क्लीन- ग्रीन - ईको फ्रेंडली विद्यालय की ओर प्रभावी कदम बढ़ाने किया गया सजग
प्रशिक्षण के दौरान पेपर बैग बनाना सिखाया गया और समूह कार्य अभ्यास कराया गया।*
व्यवस्थापन हेतु थ्री आर पद्धति को किया गया स्पष्ट*
पोषण वाटिका निर्माण के विविध घटकों को साझा किया गया*
प्लास्टिक साक्षरता और पर्यावरणीय अनुकूलन संबंधी जानकारी दी गई।
जल संरक्षण,स्वस्थ जीवनशैली, स्वच्छता कार्यक्रम से अवगत हुए शिक्षक
सरायपाली संस्कार न्यूज़ गौरव चद्राकर /यूथ एवं ईको क्लब के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मिडिल स्कूलों के ईको क्लब प्रभारियों/ विज्ञान शिक्षकों का विकासखंड स्तरीय दो दिवसीय प्रशिक्षण स्थान- शासकीय हाई स्कूल झिलमिला,सरायपाली में आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के प्रथम दिवस विकासखंड स्रोत केन्द्र समन्वयक (समग्र शिक्षा) सरायपाली श्री सतीश स्वरुप पटेल ने प्रशिक्षण में उपस्थित शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी विद्यार्थियों को सीखने का अवसर देना जरूरी है। विद्यार्थियों को समूह में कार्य करने के अवसर मुहैया कराने से उनका सीखना तेज होता है इसलिए यह क्लब काफ़ी लाभदायक सिद्ध होता है। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय योजनाओं के संबंध में जानकारी दी और निष्ठा,लगन और सकारात्मकता के साथ स्कूलों में टीम भावना से कार्य करने प्रशिक्षणार्थियों को प्रेरित किया।
जिला स्तर से प्रशिक्षित कुशल प्रशिक्षक (बीआरजी) के रूप में यशवन्त कुमार चौधरी,चंद्रभानु पटेल,कनकलता राजहंस,संगीता पंडा आदि ने प्रशिक्षणार्थियों को यूथ एवं ईको क्लब के संबंध में संदर्शिका अनुसार प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रभावी प्रशिक्षण दिया। ट्रेनर टीम द्वारा विभिन्न गतिविधियों से अभ्यास कराते हुए नवाचार हेतू प्रेरित किया गया।
खासकर वृक्षारोपण,बागवानी,पोषण वाटिका निर्माण,सीड बॉल निर्माण एवं फैलाव आदि के साथ थ्री आर पद्धति, प्लास्टिक के प्रकार एवं उपयोग संबंधी जानकारी/ सुझाव दिया गया और ग्रुप एक्टिविटी से सीख ली गई।
प्लास्टिक साक्षरता के तहत - मानव स्वास्थ्य पर प्लास्टिक का प्रभाव,प्लास्टिक जलाने के दुष्प्रभाव,महासागर पर प्लास्टिक से उत्पन्न प्रभाव,प्लास्टिक/कचरा व्यवस्थापन के मुख्य थ्री आर. - रिड्यूस,रियूज, रिसायकल, प्लास्टिक के स्थान पर उसके विभिन्न विकल्पों की जानकारी दी गई और पेपर बैग बनाना सिखाया गया तथा स्कूल पोषण वाटिका को स्कूली विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
समृद्ध एवं स्वस्थ जीवनशैली,पर्यावरणीय अनुकूलन आधारित कार्य हेतू एवं अनुभव आधारित शिक्षा के लिए ईको क्लब एक्टिविटी जैसे पर्यावरण संवर्धन हेतु बीज संग्रहण,वृक्षारोपण,कचरों के संग्रहण व सुरक्षित निपटान आदि को जरूरी बताया गया। जल संरक्षण,पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम,प्रकृति अध्ययन, स्वच्छता जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
*हरियाली जहां- खुशहाली वहां*
स्कूलों में यूथ क्लब के तहत बच्चों में जीवन जीने का कौशल,आत्मसम्मान
एवं आत्मविश्वास,लीडरशिप विकसित करने तथा
तनाव,भय एवं संकोच जैसे मनोविकारों को दूर कर सोच में
लचीलापन विकसित करने के उद्देश्य आवश्यक बताया गया वहीं ईको क्लब के तहत बच्चों को अपने आसपास के पर्यावरण एवं जैव- विविधता के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील बनाने तथा पर्यावरणीय
गतिविधियों एवं प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने के लिए सक्षम बनाने ज़रूरी बताया गया।
प्रशिक्षण में शिक्षकों को प्रशिक्षण के उद्देश्य महत्व पर सारगर्भित ढंग से प्रकाश डालते हुए क्लीन- ग्रीन - ईको फ्रेंडली विद्यालय बनाने पर जोर दिया ।
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March 19, 2025 at 05:01PM

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