हनुमान के राम और राम के हनुमान विषय पर आध्यात्मिक गोष्ठी संपन्न
पिथौरा संस्कार न्यूज़/ हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर थानेश्वर शिव मंदिर में आध्यात्मिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया । जिसमें व्याख्याकारों ने भगवान राम के प्रभुत्व और हनुमान के भक्ति की प्रकाष्ठा की चर्चा करते हुऐ कहा कि राम का जन्म तो विविध कारणों से हुआ किंतु हनुमान का जन्म तो केवल रामकाज के लिए हुआ उनका रोम रोम राम मय है ।
थानेश्वर सेवा समिति के द्वारा हनुमान जन्मोत्सव पर आयोजित आध्यात्मिक संगोष्ठी का विषय था हनुमान के राम और राम के हनुमान । विषय पर व्याख्यान देने के लिए अंचल के मानस प्रवचनकारो क्रमश शिवशंकर पटनायक , रमाशंकर पाण्डे, जम्हर से सीताराम चौधरी एवम भीथीडीह से बुधराम गजेंद्र को आमंत्रित किया गया । चारो ही वक्ताओ ने राम के प्रत्येक काज में हनुमान की अपरिहार्यता एवम हनुमान की भक्ति के चरमोत्कर्ष में राम की एकमेव स्वीकार्यता पर प्रकाश डाला । हनुमान और राम ने भक्त और भगवान के बीच संबंध और समर्पण को एक उदात्त आयाम दिया है ।
संगोष्ठी का सारांश प्रस्तुत करते हुऐ मानसकार दिनेश दीक्षित ने कहा कि हनुमान के लिऐ राम के मायने क्या है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राम के नाम और राम कथा के लिऐ हनुमान जी ने भगवान के परमधाम को भी त्याग दिया था । कोमाखान से आये प.अनिल द्विवेदी ने कार्यक्रम में भजन की प्रस्तुति दी । आभार प्रदर्शन प्राचार्य अनूप दीक्षित ने किया कार्यक्रम में मंदिर के आचार्य प. कृष्ण कुमार शर्मा , मेवा लाल दुबे , शेखर नायडू , श्याम लाल पटेल , जसबीर आजमानी , सुखचरण चतुर्वेदी , लेखराम साहू , रेवाराम सुर्ये , भगवानदास , संतोष गुप्ता , आत्माराम गजेंद्र , गजानंद साहू अक्रुर साहू , मन्नू लाल ठाकुर , विजय निषाद , नंदूराम निर्मलकर , लखन निषाद , चंद्रपाल धीवर ,स्वप्निल तिवारी ,उमेश दीक्षित सहित अन्य उपस्थित थे । कार्यक्रम का शुभारंभ श्री हनुमान चालिसा के पाठ से एवम समापन भगवान श्रीराम की स्तुति से किया गया ।



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