गांव-गांव ‘रामपाल साहित्य’ बांटने पहुंचे अनुयायी, हिंदू संगठनों ने घेरा; सपोस में हंगामा, पुलिस बुलानी पड़ी - sanskar.live

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अगस्त 03, 2026

गांव-गांव ‘रामपाल साहित्य’ बांटने पहुंचे अनुयायी, हिंदू संगठनों ने घेरा; सपोस में हंगामा, पुलिस बुलानी पड़ी

गांव-गांव ‘रामपाल साहित्य’ बांटने पहुंचे अनुयायी, हिंदू संगठनों ने घेरा; सपोस में हंगामा, पुलिस बुलानी पड़ी
गांव-गांव ‘रामपाल साहित्य’ बांटने पहुंचे अनुयायी, हिंदू संगठनों ने घेरा; सपोस में हंगामा, पुलिस बुलानी पड़ी

 मेमरा आश्रम से रविवार को बड़े पैमाने पर पुस्तक वितरण का आरोप

गीता के श्लोकों की भ्रामक व्याख्या से आहत हो रही धार्मिक भावनाएं" : सर्व हिंदू समाज

 पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया, लिखित शिकायत सौंपी 





/पिथौरा संस्कार न्यूज़।* श्रावण मास में गांव-गांव में धार्मिक पुस्तकों के वितरण को लेकर दिनांक 2 अगस्त 2026 रविवार को ग्राम सपोस में तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। संत रामपाल के अनुयायियों द्वारा घर-घर जाकर साहित्य बांटे जाने की सूचना पर सर्व हिंदू समाज और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और इसका विरोध करते हुए पुस्तक वितरण रुकवा दिया। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक गहमागहमी और बहस चली, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा।

*ऐसे शुरू हुआ विवाद* 

जानकारी के अनुसार बजरंग दल के पदाधिकारी *कमलेश डड़सेना* को सूचना मिली थी कि कुछ लोग ग्राम सपोस में संत रामपाल की विचारधारा से जुड़ी पुस्तकें बांट रहे हैं। सूचना मिलते ही वे सर्व हिंदू समाज के स्थानीय प्रतिनिधियों और गौ सेवक विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे।

इस दौरान कमलेश डड़सेना ने कहा,  

_"गांवों में इस तरह भ्रामक साहित्य बांटकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है, जो सीधे हमारी आस्था पर हमला है। हम इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।"_ 

*मेमरा आश्रम पर लगे गंभीर आरोप*

सर्व हिंदू समाज और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ग्राम मेमरा स्थित संत रामपाल के अनुयायियों के आश्रम में प्रत्येक रविवार को बड़ी संख्या में अनुयायी एकत्रित होते हैं। आरोप है कि यहीं से योजना बनाकर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकों का वितरण और प्रचार-प्रसार किया जाता है।

बजरंग दल संगठन के *गीतेश पंडा* ने कहा,  

_"इन पुस्तकों में सनातन धर्म, हिंदू देवी-देवताओं, धर्मगुरुओं और मूर्ति पूजा के संबंध में आपत्तिजनक बातें लिखी हैं। इस प्रकार की सामग्री से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और गांव का सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका है।"_ 

*112 पर कॉल, थाने में दी शिकायत*

विवाद बढ़ता देख तत्काल डायल-112 पर सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और संत रामपाल के अनुयायियों को आगे की कार्रवाई के लिए पिथौरा थाने आने के निर्देश दिए।

इसके बाद सर्व हिंदू समाज और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने थाना पिथौरा में लिखित शिकायत सौंपकर मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

इस पूरे घटनाक्रम में प्रमुख रूप से *कमलेश डड़सेना, गीतेश पंडा, अभिषेक दास, राजकुमार अग्रवाल, बलराज नायडू, रमेश श्रीवास्तव, राजा अग्रवाल, दुर्गेश यादव* सहित अनेक बजरंग दल और हिंदू परिषद के पदाधिकारी मौजूद थे।

*पुलिस का पक्ष*

थाना प्रभारी पिथौरा ने बताया कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए हैं। पुस्तकों की सामग्री की जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल संत रामपाल के अनुयायियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।



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