रामदर्शन स्कूल जंघोरा पिथौरा में सर्पदंश से बचाव और वैज्ञानिक सोच पर संगोष्ठी - sanskar.live

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जुलाई 18, 2026

रामदर्शन स्कूल जंघोरा पिथौरा में सर्पदंश से बचाव और वैज्ञानिक सोच पर संगोष्ठी

 छात्रों ने झाड़-फूंक छोड़ तुरंत अस्पताल पहुंचने का लिया संकल्प, उत्साह से पूछे सवा

वैज्ञानिक सोच ही विकसित भारत की आधारशिला": विश्वास मेश्राम




*पिथौरा संस्कार न्यूज गौरव चंद्राकर*/ शिक्षा के साथ विज्ञान और जागरूकता का संगम। रामदर्शन पब्लिक स्कूल जंघोरा एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के संयुक्त तत्वावधान में "सर्पदंश से बचाव एवं प्राथमिक उपचार" तथा "गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और वैज्ञानिक सोच" विषय पर एक दिवसीय जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना, अंधविश्वासों से दूर रखना और आपातकालीन परिस्थितियों में सही प्राथमिक उपचार की जानकारी देना था।

सांपों से डरें नहीं, समझें" - विश्वास मेश्राम

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त अपर कलेक्टर विश्वास मेश्राम* ने कहा कि _"सांप प्रकृति के संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जीव हैं। अधिकांश सांप विषैले नहीं होते। उन्हें देखकर घबराने या अंधविश्वास का सहारा लेने की बजाय वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।"_

उन्होंने जहरीले एवं विषहीन सांपों की पहचान, सर्पदंश के लक्षण तथा प्राथमिक उपचार के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि _"सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या टोने-टोटके में समय न गंवाकर पीड़ित को तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना ही सबसे प्रभावी उपचार है।"_

तर्क और प्रमाण से बनेगा विकसित भारत" - हेमंत खुटे

छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के प्रेस सचिव एवं शिक्षाविद् हेमंत खुटे ने कहा कि _"शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक लाना नहीं है। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तार्किक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करना है।"_ 

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया, _"आइए संकल्प लें कि हम हर बात को तर्क और प्रमाण की कसौटी पर परखेंगे तथा विज्ञान और शिक्षा के माध्यम से एक प्रगतिशील और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देंगे।"_

*उत्साह से भरा प्रश्नोत्तर सत्र*

कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने सर्पदंश, वैज्ञानिक सोच और शिक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे। बच्चों की जिज्ञासा देखकर वक्ताओं ने उनकी सराहना की।

इस अवसर पर प्राचार्य जोगिन्द्र मेहेर* एवं उप-प्राचार्य रत्ना सिन्हा मंचासीन रहे। समापन पर विश्वास मेश्राम, हेमंत खुटे एवं विज्ञान कार्यकर्ता श्रीमती ऊषा मेश्राम का शाल-श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।


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