आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन: कलेक्ट्रेट घेराव, सरकार को दी विधानसभा घेराव की चेतावनी
*महासमुंद संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर*/ संयुक्त मंच के बैनर तले दो दिवसीय हड़ताल पर बैठीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने हड़ताल के अंतिम दिन जिले में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। स्थानीय लोहिया चौक से शुरू हुई रैली नारेबाजी के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर प्रधानमंत्री और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
आंदोलन में महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना और सरायपाली विकासखंड से बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं शामिल हुईं। हजारों महिलाओं की मौजूदगी से कलेक्ट्रेट कार्यालय आंदोलन स्थल में तब्दील नजर आया।
सक्षम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुधा रात्रे, जिला अध्यक्ष सुलेखा शर्मा और छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी सहायिका संघ की जिला अध्यक्ष द्रोपति साहू ने संयुक्त रूप से कहा कि पूरे प्रदेश में 50 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे, जिससे लाखों बच्चों की पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई गंभीर पहल नहीं की।
नेताओं ने आरोप लगाया कि बजट में करोड़ों रुपये की घोषणाएं की जा रही हैं और साड़ी खरीदी जैसे मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता बच्चों की मां बनकर सेवा देती हैं, फिर भी उन्हें न्यूनतम मानदेय, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा से वंचित रखा गया है। आज के हड़ताल को समर्थन देने के लिए अधिकारी कर्मचारी फैडरेशन से टेक रामसेन स्वास्थ्य विभाग संयोजक दीपक तिवारी पेंशनर संघ के अध्यक्ष अशोक गिरी गोस्वामी संगठन के जिला अध्यक्ष अशोक गिरी गोस्वामी ने हड़ताल को समर्थन दिया।
तीन सूत्रीय मांगों पर अड़ीं कार्यकर्ता
प्रदर्शनकारियों ने शासकीय कर्मचारी का दर्जा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 26 हजार रुपये तथा सहायिकाओं के लिए 22 हजार रुपये मासिक वेतन और पेंशन सहित सामाजिक सुरक्षा की मांग दोहराई। चेतावनी दी गई कि यदि 8 मार्च तक मांगों पर निर्णय नहीं हुआ, तो 9 मार्च को रायपुर में विधानसभा घेराव किया जाएगा।
कलेक्ट्रेट में हल्की धक्का-मुक्की
कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई, हालांकि स्थिति जल्द ही नियंत्रित कर ली गई। कलेक्टर की अनुपस्थिति में अपर कलेक्टर श्री खांडे ने कलेक्टर प्रतिनिधि के रूप में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्राप्त किया तथा मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
1800 केंद्र रहे बंद, योजनाएं प्रभावित
हड़ताल के दौरान महासमुंद जिले के लगभग 1800 आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे, जिससे महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं पर असर पड़ा। आंदोलन शांतिपूर्ण रहा और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
दो दिवसीय हड़ताल के समापन पर कार्यकर्ताओं ने सरकार को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि अब भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन अनिश्चितकालीन रूप ले सकता है। आज के आंदोलन में मुख्य रूप से अन्नपूर्णा वैष्णव विभा साव सुशीला ठाकुर हाजरा निशा खान भारती ठाकुर रामेश्वरी धृतलहरे हेमलता साहू छाया हिरवानी लल्ली आर्य विमला सोनी अंजू चंद्राकर रूपा भारती पूर्णिमा ठाकुर अहिल्या मरकाम धन्मति बघेल सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका उपस्थिति रही।
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February 27, 2026 at 05:41PM
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