बागबाहरा संस्कार न्यूज़ गौरव चंद्राकर /सरकारी स्कूलों को मिलने वाली अनुदान राशि का जमकर बंदरबांट हो रहा है चाहे स्कूलों में खेल सामग्री प्रदाय हो या प्रयोगशाला सामग्री टाट पट्टी प्रदाय हो वर्तमान में प्रत्येक स्कूल से डिजिटल सिग्नेचर के नाम पर ₹3000 की वसूली की जा रही है जिसके बारे में शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी डि ई ओ या बी ई ओ को भी जानकारी नहीं है उक्त बातें अलका चंद्राकर जिला पंचायत सदस्य ने कही अलका ने कहा सर्व शिक्षा अभियान के उच्च अधिकारी की निजी फर्म की मिलीभगत से यह कार्य हो रहा है जो स्थानीय स्तर पर सीए या चॉइस सेंटर से ₹500 में डिजिटल सिगनेचर बन जाता है उसके लिए ₹1500 लिया जाना भ्रष्टाचार को स्पष्ट इंगित कर रहा है सर्व शिक्षा अभियान के जिला विकासखंड समन्वयक स्कूलों में दबाव डालकर यह कार्य करवाए जा रहे हैं कुछ दिनों पूर्व बिलासपुर दौरे पर आए छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री ने भी इसकी जानकारी नहीं होने की बात कही और निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है भविष्य में सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्कूलों में प्रदाय सामग्री के मनमाना दर पर भुगतान भी बगैर स्कूल की जानकारी के हो जाएगा इससे भविष्य में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता

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