पिथौरा संस्कार न्यूज़/ गौ को हिन्दू संस्कृति में माता का दर्जा दिया गया है , मान्यता है कि गौवंश में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास होता है और गौ को रोटी खिलाने मात्र से ही पाप मिट जाते हैं । इसी तरह गौ माता की सेवा में विगत कई वर्षों से आपकी अपनी *श्री गोविंद कमला गौशाला * पिथौरा के द्वारा निःस्वार्थ भाव से गौ माता की सेवा की जा रही है । पिथौरा नगर के वार्ड क्र.12 में स्थित श्री गोविंद कमला गौशाला में वर्तमान में 300 के करीब गौवंश हैं जिनका निःस्वार्थ भाव से गौशाला द्वारा सेवा जतन किया जा रहा है । आये दिन सड़क पर गौवंश दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं बहुत से गौवंशों की मृत्यु भी हो जाती हैं और घायल गौवंशों का उपचार भी गौशाला समिति द्वारा किया जाता है । गौशाला के द्वारा गौसेवा हेतु हेल्पलाइन नम्बर जारी किया गया है साथ ही साथ फैसबुक व व्व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया गया है जिस माध्यम से गौवंश के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना व गौवंश को किसी अन्य समस्या होने की सूचना प्राप्त होती है जिसके बाद गौशाला के सदस्यों के द्वारा यथा संभव उक्त स्थल पर पहुंच कर गौमाता की सेवा व घायल हो चुके गौमाता का उपचार किया जाता है
जिसके बाद गौशाला के वाहन से या टोल प्लाजा के वाहन से गौशाला तक लाया जाता है और गौशाला में उपचार किया जाता है ढांक टोल प्लाजा द्वारा भी निःस्वार्थ भाव से गौसेवा में सहयोग किया जाता है । और गौ लोक गमन कर चुके गौवंश को गौ लोक प्रस्थान पूरी विधि विधान से किया जाता है विगत कई वर्षों से निरन्तर निस्वार्थ भाव से गौशाला व गौसेवकों की टीम के द्वारा गौसेवा किया जा रहा है । गौशाला के संचालक मनीष अग्रवाल ने बताया कि गौ हमारी माता है गौमाता के दूध का सेवन हम बचपन से ही करते आ रहे हैं जिसने हमें दुध पिलाया उसे हम माता मानते हैं जिसके दूध का कर्ज हम नही चुका सकते पर उनकी सेवा करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है । जिस उद्देश्य से हम पूरी टीम के साथ निःस्वार्थ भाव से गौ माता की सेवा कर रहें है व अपने जीवन की अंतिम सांस तक निरन्तर गौमाता की सेवा करते रहेंगे लोगों से भी मैं अपील करना चाहूंगा कि गौ माता की सेवा के लिए आप आगे आएं व जिस तरह से भी आप गौमाता की सेवा कर सकें सेवा करने का प्रयास जरूर करें । नगर के और नगर से बाहर के भी गौ सेवक हमसे जुड़ कर गौ सेवा में अपनी भागीदारी निभा सकते हैं क्यों की
*गौ है तो कल है *


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