पिथौरा गौरव चंद्राकर संस्कार न्यूज़/ समीपस्थ ग्राम जम्हर निवासी उत्तरकुमार पटेल जब वे छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली से वापस घर आ रहे थे तो इटारसी जंक्शन पर ट्रेन में प्रशांत कुमार ठेठवार निवासी ज्योति नगर दीपका जिला कोरबा जो कि वह भोपाल में आर्मी मेडिकल कोर में पदस्थ है, वह भी ट्रेन से घर वापस आने के लिए सवार रहा था और उसका पर्स उस समय ट्रेन में कहीं गिर गया ,जब वह उस ट्रेन को बदलकर दूसरी ट्रेन में सवार होने चला गया। जिसे ट्रेन में सवार जम्हर निवासी 72 वर्षीय उत्तर कुमार पटेल को मिला। उस पर्स को खोलकर देखने पर उसमें आधार कार्ड, एटीएम कार्ड,आर्मी का ड्राइवरीग लाइसेंस कार्ड, केटिंग कार्ड,क्रेडिट कार्ड और नगद छः हजार रुपये मौजूद थे। लेकिन इसमें कहीं पर फोन नम्बर नहीं था। जिससे कि उसे पता लगाया जा सके। फिर भी आधार कार्ड को देखकर जैसे-तैसे उत्तर कुमार पटेल ने अपने आपसी लोगों के माध्यम से फोन से पता लगवाया तो वह कोरबा जिला का ज्योति नगर दीपका का निवासी निकला। इसके बाद फोन करके 15 जुलाई को उन्हें पिथौरा बुलाया गया और उनका पर्स उन्हें सही सलामत दे दिया गया। उन्होंने पर्स ,उसमें रखे सभी कार्ड एवं छः हजार रुपये पाकर बहुत प्रसन्न हुआ। खुश होकर वह उत्तर कुमार पटेल को इनाम स्वरूप कुछ रकम भी भेंट की। इस तरह उत्तर कुमार पटेल ने ईमानदारी की एक मिसाल पेश की। उत्तरकुमार पटेल राज्यपाल पुरस्कृत प्रधानपाठक छबिराम पटेल के बड़े भैया हैं। श्री पटेल की इस ईमानदारी व सराहनीय कार्य की अंचल के लोगों ने काफी तारीफ की गई।
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