सुदामा चरित्र की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्घालु - sanskar.live

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अप्रैल 03, 2022

सुदामा चरित्र की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्घालु

गरियाबंद- ग्राम पाथरमोंहदा में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में सातवें दिवस भगवताचार्य बालव्यास पं. श्री वरूण तिवारी जी द्वारा सुदामा चरित्र की कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सुदामा संसार में सबसे अनोखे भक्त रहे हैं। वह जीवन में जितने गरीब नजर आए, उतने वे मन से धनवान थे। उन्होंने अपने सुख व दुखों को भगवान की इच्छा पर सौंप दिया था। श्रीकृष्ण और सुदामा के मिलन का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। उन्होंने कहा कि जब सुदामा भगवान श्रीकृष्ण से मिलने आए तो उन्होंने सुदामा के फटे कपड़े नहीं देखे, बल्कि मित्र की भावनाओं को देखा। मनुष्य को अपना कर्म नहीं भूलना चाहिए। अगर सच्चा मित्र है तो श्रीकृष्ण और सुदामा की तरह होना चाहिए। जीवन में मनुष्य को श्रीकृष्ण की तरह अपनी मित्रता निभानी चाहिए। महिलाओं ने भजन कीर्तन किए। कथा सुनने आए श्रद्धालुओं ने भक्ति रस का पान किया तथा तथा श्रद्धालु जन सुदामा चरित्र कथा सुन भाव बिभोर हो गए।  कथा में हुमन दीवान को पारीक्षत बन कथा श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव का आयोजन हुमन दीवान, चितरंजन दीवान,   खुशी दीवान एवं समस्त ग्राम वासी पाथरमोंहदा के सहयोग से आयोजन किया जा रहा है।



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