कोडारबांध बांध फारेस्ट डिपो के सामने से ही कीमती सागौन की अवैध कटाई ,विभाग को नही पता महासमुंद
गौरव चंद्राकर की रिपोर्ट
महासमुंद संस्कार न्यूज़/ कोडारबांध स्थित फारेस्ट ऑफिस के डिपो के पास ही NH 53 से ही लगा हुआ बीट क्रमांक 834 में बेशकीमती सागौन पेड़ की अंधाधुंध अवैध कटाई का सनसनीखेज मामला सामने आया है | आंखों से काजल चुराने की कहावत को चरितार्थ करते हुए अज्ञात लकड़ी चोरों ने लगभग 50 नग सागौन पेड़ो को बेदर्दी से काटकर बीट में छोड़ कर फरार हो गए ये कहना है फारेस्ट रेंजर ए के खुमरी का ,,जो स्वयं इस बीट के कुछ दूरी पर निवास करते है | शाम या रात के वक्त मेनरोड किनारे ही स्थित इस बीट क्रमांक 834 में इतने बड़े पैमाने पर कीमती सागौन के पेड़ों की कटाई की भनक फारेस्ट विभाग के कर्मचारियों को नही लगी ये सोचनीय और आश्चर्यजनक बात है |
फारेस्ट कर्मचारियों के अनुसार सुबह पता चलने पर विभागीय कार्यवाही करते हुए जप्तीनामा बनाकर लकड़ी को डिपो भेजने की तैयारी है ये कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया गया है | कथित रूप से अज्ञात लकड़ी चोरों द्वारा इतने अधिक संख्या में काटी गई लकड़ी की फारेस्ट वालो ने वही स्टॉक कर रखा है कोई कर्मचारी दोपहर तक वहाँ देखरेख के लिए नही था न ही लकड़ी वापस डिपो लाई गई थी | लकड़ी की कटाई 25 फरवरी की रात हुई होगी 26 फरवरी की सुबह किसी जागरूक नागरिक के द्वारा कटी हुई लकड़ी की फ़ोटो वीडियो बनाने की खबर रेंजर ए के खुमरी को हो जाती है,, मगर मेनरोड पर कीमती कटी हुई इतने सारे पेड़ो के बारे में जानकारी पहले ले लेना उन्होंने जरूरी नही समझा जबकि कुछ दूरी पर ही उनका निवास है | nh 53 में मेनरोड पर ही इतने संख्या में कीमती पेड़ो की कटाई में कही विभागीय लोग शामिल तो नही है या फिर उनकी जानकारी में ही कटाई हुई हो ये भी सोचनीय बात है | ज्ञात है कि रेंजर ए के खुमरी के खिलाफ वन विभाग की जमीन को अवैध वसूली करके बेचे जाने और लोगो को धमकाने चमकाने की कई शिकायतें पूर्व में भी हो चुकी है जिस पर उन्हें निलंबित भी किया जा चुका है | सागौन पेड़ो की डिपो के पास ही अंधाधुंध कटाई कई संदेहों को जन्म दे रहा है जिसे उच्चाधिकारियों को संज्ञान में लेकर कार्यवाही की आवश्यकता है |
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